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BLOG POST 15: The KLEPTOMANIA (A Stealing Disorder)

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KLEPTOMANIA एक अजीबोगरीब मानसिक विकार है जिसमे मरीज को अनजाने में चीजे चोरी करने या उठाने की आदत होती है। ज्यादातर मन में उठते आवेग (impulse) को काबू न कर पाने वाले इंसानों में ये मानसिक बिमारी पायी जाती है । इसीलिए इसका वर्गीकरण मानवी  भावना और  व्यवहारों पर काबू रखना मुश्किल होने वाली,   I mpulse Control Disorder के अंतर्गत किया जाता है। इसे आवेगी व्यवहार  (impulsive behaviour)  का लक्षण भी माना जाता है। इस व्याधि के चलते मरीज को प्रलोभन और खुद के लिए या औरों केलिए खतरा पैदा करने वाले किसी भी व्यवहार करने की चाह को काबू करना मुश्किल हो जाता है।  DSM (Diagnostic and Statistics Manual) के अनुसार  KLEPTOMANIA के मरीज  कभी भी नफा या कोई भी आर्थिक या भौतिकवादी  (materialistic)  चाहत की वजह से बिलकुल भी  चोरी नही करते है । KLEPTOMANIA एक ऐसी   मानसिक बीमारी है जो मनुष्य के व्यवहार ( behavioural addiction  ) से जुड़े...

BLOG POST 13: The SCHIZOPHRENIA (Part 01)

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SCHIZOPHRENIA एक गंभीर स्वरूप का मनोविकार माना जाता है। ज्यादा तर शकी, विक्षिप्त, विध्वंसक, असामाजिक मिजाज के लोगों में  SCHIZOPHRENIA के लक्षण पाए जाते है।  वैसे तो  SCHIZOPHRENIA १५ से ४५ के उम्र में होने वाली मानसिक बिमारी है। लेकिन  ऐसी मनोवस्था बचपन के  पारिवारिक या सामाजिक  कटु  अनुभव या आनुवंशिकता की वजह से भी विकसित हो सकते है। SCHIZOPHRENIA के कुछ मरीज SCHIZOID स्वभाव के होते है। ऐसे लोग  प्रेम, माया, अपनापन, आस्था इन भावनाओंसे  दुर रहना पसंद करते है। ब चपन मे पारिवारिक या सामाजिक तौर पर नजरअंदाजगी, अवहेलना, तिरस्कार या जरूरत से ज्यादा क्रोध का सामना कर चुके व्यक्ति का स्वभाव SCHIZOD प्रकृति का बन सकता हैं। इसी वजह से, बड़े होने पर लोगों से इसी प्रकार के बर्ताव की मानसिकता उनमे विकसित हो जाती है। इसीलिए लोगों द्वारा नजरअंदाजगी और अवहेलना का बर्ताव होने से पहले ही उनसे बिना घुलेमिले, दूर रहकर एक अंतर बनाये रखना वो पसंद करते है। लोगों से संपर्क ही टल गया तो बर्ताव में निराशा भ...

BLOG POST 12: The MANIA | BIPOLAR DISORDER

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MANIA एक ऐसी मनोवस्था है, जिसमे मरीज का  depression से बिलकुल विपरीत व्यवहार दिखाई देता है। मनोविज्ञान के अनुसार MANIA का निदान करने या होने केलिए सारे लक्षण होने की जरूरत नहीं होती। बिमारी की तीव्रता जैसे जैसे बढ़ती जाती है वैसे वैसे लक्षण भी प्रबल होने लगते है। MANIA  में मरीज अति उत्तेजित और उत्साही बनते है। खुद को कोई बड़ी आसामी समझने लगते है, बडी बडी बाते और कल्पना करने लगते है। उनके उत्साह भरे व्यवहार की वजह से उनके बोलने की और काम करने की गति भी बढ़ जाती है। लेकिन उनके व्यवहार और सारी बातें, मुख्य विषय को छोड़ दिशाहीन हो जाती हैं।  पर उन्हें इस बात का बिलकुल भी ज्ञान नहीं होता। MANIA और DEPRESSION के लक्षण बिलकुल भी अलग अलग होते है। दोनों ने में पाए जाने वाली कुछ अलग लक्षण इस प्रकार है : DEPRESSION: १) निद्रानाश  २) उत्साह की कमी, थकावट।    ३) खुद से नाखुश, कमतरता की भावना।  ४) काम की जगह पर, घर पर हे काम में अनुत्साहित  मानसिकता। ५) परिवार और मित्रजनोंसे दूर दूर रहना।  ६) यौन या क...